हर साल 7 नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाया जाता है। इस दिन का संदेश सीधा है: जानकारी, समय पर जाँच और सही इलाज से कैंसर के नतीजे बेहतर हो सकते हैं। कई प्रकार के कैंसर से बचाव संभव है, और बाकी में शुरुआती पहचान से इलाज ज़्यादा आसान और सफल होता है। इस लेख में कैंसर से बचाव के आसान तरीके, और थायरॉइड तथा ब्रेस्ट कैंसर के बारे में लोगों के सबसे आम सवालों के जवाब दिए गए हैं।
कैंसर से बचाव के 8 आसान तरीके
- हेपेटाइटिस-बी का टीका लगवाएँ। यह वायरस लंबे समय में लिवर की बीमारी और लिवर कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है। टीका इससे बचाव में मदद करता है।
- ब्रेस्ट की सेल्फ-जाँच (self examination) करें। महिलाएँ महीने में एक बार अपने स्तनों को देखकर और हाथ से जाँचकर किसी भी नए बदलाव को पहचान सकती हैं।
- नियमित स्क्रीनिंग कराएँ। बिना लक्षण के भी डॉक्टर की सलाह से समय-समय पर जाँच कराने से कैंसर जल्दी पकड़ में आ सकता है।
- व्यक्तिगत स्वच्छता रखें। साफ-सफाई कई संक्रमणों से बचाती है।
- तंबाकू और शराब से दूर रहें। बीड़ी-सिगरेट, गुटखा, पान-मसाला और शराब कई कैंसर के जाने-माने कारण हैं।
- संतुलित भोजन लें। रोज़ाना फल और हरी सब्जियाँ ज़्यादा खाएँ।
- शारीरिक रूप से सक्रिय रहें और वजन ठीक रखें। रोज़ चलना, योग या व्यायाम फायदेमंद है।
- प्रदूषण से बचें। धुएँ, धूल और ज़हरीले रसायनों के संपर्क को कम करें।
अपनाइए स्वस्थ जीवनशैली और दूर रहिए जोखिम के कारणों से। यही है इस साल का संदेश: Cancer can be prevented।
थायरॉइड कैंसर: दो ज़रूरी सवाल
क्या गर्दन की हर गांठ थायरॉइड कैंसर है?
नहीं। गर्दन की हर गांठ कैंसर नहीं होती। कई बार यह सामान्य थायरॉइड नोड्यूल या दूसरे कारणों से भी होती है। लेकिन सही कारण जानने के लिए जाँच ज़रूरी है, जैसे अल्ट्रासाउंड और ज़रूरत पड़ने पर FNAC (सुई से कोशिकाओं की जाँच)।
क्या थायरॉइड कैंसर में हमेशा लक्षण दिखाई देते हैं?
नहीं। कई बार शुरुआती चरण में स्पष्ट लक्षण नहीं होते। इसीलिए नियमित जाँच और विशेषज्ञ की सलाह महत्वपूर्ण है। इन बातों पर ध्यान दें:
- गर्दन में गांठ या सूजन
- आवाज बैठना या आवाज में बदलाव
- निगलने में दिक्कत
- सांस लेने में परेशानी (कभी-कभी)
अगर इनमें से कोई भी लक्षण बना रहे, तो विशेषज्ञ से सलाह लें। विस्तार से पढ़ें: थायरॉइड कैंसर (Thyroid Cancer) और Thyroid Cancer: Symptoms, Diagnosis and Treatment।
ब्रेस्ट कैंसर: कम उम्र में भी हो सकता है
ब्रेस्ट कैंसर केवल अधिक उम्र में ही नहीं होता। युवा महिलाओं में भी यह हो सकता है, यहाँ तक कि 30 से 40 की उम्र में भी। इसलिए किसी भी असामान्य बदलाव पर उम्र की परवाह किए बिना विशेषज्ञ से सलाह लें।
- परिवार में किसी को ब्रेस्ट कैंसर हुआ हो तो जोखिम अधिक हो सकता है।
- नियमित सेल्फ-ब्रेस्ट जाँच और डॉक्टर से मेडिकल जाँच बहुत महत्वपूर्ण है।
- स्तन की ज़्यादातर गांठें कैंसर नहीं होतीं, लेकिन जाँच कराए बिना यह पता नहीं चलता।
क्या बिना दर्द की गांठ भी कैंसर हो सकती है?
हाँ। स्तन में होने वाली कई कैंसरयुक्त गांठें शुरुआती चरण में बिना दर्द के हो सकती हैं। इसलिए दर्द न होना कैंसर न होने की गारंटी नहीं है। इन बदलावों पर ध्यान दें:
- स्तन या बगल में नई गांठ महसूस होना
- स्तन के आकार या बनावट में बदलाव
- त्वचा में गड्ढे, सिकुड़न या लालिमा
- निप्पल से असामान्य स्राव
- निप्पल का भीतर की ओर जाना, या कोई और असामान्य बदलाव
याद रखें: हर स्तन की गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन किसी भी नई गांठ की जाँच ज़रूर करवाएँ। जल्दी पहचान से इलाज के विकल्प बेहतर और सफल हो सकते हैं, और नियमित सेल्फ-ब्रेस्ट अवेयरनेस सभी महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
क्या पुरुषों को भी ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है?
हाँ। पुरुषों में भी ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है, भले ही यह कम पाया जाता है। इसलिए पुरुषों को भी इन बदलावों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए:
- छाती में गांठ महसूस होना
- निप्पल में बदलाव या स्राव
- त्वचा में असामान्य बदलाव
अगर आपको कोई असामान्य बदलाव महसूस हो, तो देर न करें और विशेषज्ञ से सलाह लें। जल्दी पहचान से उपचार की संभावना बेहतर होती है। पुरुषों में स्तन का बढ़ना (gynecomastia) अक्सर कैंसर नहीं होता, लेकिन जाँच से ही यह पक्का पता चलता है।
कब ब्रेस्ट स्पेशलिस्ट से मिलना चाहिए?
अगर आपको नीचे दिए गए कोई भी लक्षण दिखाई दें, तो जल्द से जल्द ब्रेस्ट स्पेशलिस्ट से सलाह लें:
- स्तन में कोई नई गांठ महसूस हो
- निप्पल से असामान्य स्राव हो (जैसे खून या पानी जैसा तरल)
- स्तन के आकार या आकृति में बदलाव हो
- त्वचा में गड्ढे, सिकुड़न या लालिमा हो
- निप्पल अंदर की ओर जाने लगे
- बगल में सूजन या गांठ हो
पढ़ें: ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) और निप्पल डिस्चार्ज।
याद रखें
- Be aware – संकेतों को पहचानें।
- Get checked – समय पर जाँच करवाएँ।
- Stay informed – सही जानकारी अपनाएँ।
- Stronger together – कैंसर के खिलाफ साथ मिलकर।
वाराणसी में थायरॉइड एवं ब्रेस्ट कैंसर विशेषज्ञ
डॉ. ओम प्रकाश प्रजापति (MBBS, MS, MCh – SGPGI), थायरॉइड एवं ब्रेस्ट कैंसर विशेषज्ञ, से डेल्टा हॉस्पिटल एंड कैंसर सेंटर (शिवपुर बाईपास) और थायरॉइड, एंडोक्राइन एंड ब्रेस्ट कैंसर क्लिनिक (भोजूबीर, यूपी कॉलेज रोड), वाराणसी में मिला जा सकता है। दूसरे शहर के मरीज पहले ऑनलाइन वीडियो कंसल्टेशन से शुरुआत कर सकते हैं, या सीधे अपॉइंटमेंट बुक करें। अपनी पुरानी रिपोर्ट साथ लाएँ।
नीचे इस अभियान के पोस्टर देखें और अपने परिवार तथा जानने वालों के साथ साझा करें।
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This article is for general information and is not a substitute for a medical consultation.








