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एंडोस्कोपिक थायरॉइड सर्जरी क्या है? किन मरीजों के लिए सही है

एंडोस्कोपिक थायरॉइड सर्जरी का चित्र: कैमरा और बारीक औज़ारों से ऑपरेशन
Thyroid Delta Clinic & Hospital 1 min read

थायरॉइड की गांठ, घेंघा (गॉयटर) या थायरॉइड कैंसर में अक्सर ऑपरेशन की सलाह दी जाती है। बहुत से मरीजों की सबसे बड़ी चिंता यह होती है कि गर्दन पर बड़ा निशान रह जाएगा। एंडोस्कोपिक थायरॉइड सर्जरी इसी चिंता को कम करने का एक तरीका है।

एंडोस्कोपिक थायरॉइड सर्जरी क्या है?

इसमें गर्दन पर एक लंबा चीरा लगाने के बजाय कुछ छोटे चीरे लगाए जाते हैं। इनसे एक पतला कैमरा (एंडोस्कोप) और बारीक औज़ार अंदर डाले जाते हैं और थायरॉइड ग्रंथि का पूरा या आधा हिस्सा निकाला जाता है। तकनीक के अनुसार चीरे गर्दन पर, या गर्दन से दूर – जैसे मुंह के अंदर, बगल या सीने पर – लगाए जा सकते हैं, ताकि गर्दन पर निशान न दिखे। ऑपरेशन का उद्देश्य वही रहता है जो सामान्य (ओपन) सर्जरी का होता है।

किन मरीजों के लिए सही हो सकती है?

  • सीमित आकार की सामान्य (कैंसर रहित) थायरॉइड गांठ या घेंघा
  • चुने हुए छोटे और कम जोखिम वाले थायरॉइड कैंसर, जो थायरॉइड से बाहर नहीं फैले हों
  • वे मरीज जिन्हें गर्दन के निशान की ज़्यादा चिंता है

कब उचित नहीं हो सकती: बहुत बड़ा घेंघा, बढ़ा हुआ या फैला हुआ कैंसर, पहले गर्दन का ऑपरेशन या रेडिएशन, या ऐसी बीमारियाँ जिनमें लंबा ऑपरेशन सुरक्षित न हो। इन मरीजों के लिए सामान्य ओपन सर्जरी ही सुरक्षित और सही विकल्प है। कौन सा तरीका आपके लिए ठीक है, यह जाँच और रिपोर्ट देखने के बाद सर्जन तय करते हैं।

फायदे

  • छोटे या छिपे हुए निशान
  • कैमरे से बड़ा करके दिखने वाला साफ़ दृश्य
  • ज़्यादातर मरीजों में आरामदायक रिकवरी

संभावित जोखिम

हर थायरॉइड ऑपरेशन की तरह इसमें भी कुछ जोखिम होते हैं, जिनके बारे में ऑपरेशन से पहले बताया जाता है: खून बहना या संक्रमण, आवाज़ में बदलाव (ज़्यादातर अस्थायी), कैल्शियम का कम होना (ज़्यादातर अस्थायी), त्वचा के नीचे पानी जमना, और कुछ मामलों में ऑपरेशन को बीच में ओपन सर्जरी में बदलना। पूरा थायरॉइड निकलने पर रोज़ थायरॉइड की गोली लेनी पड़ती है।

रिकवरी

ज़्यादातर मरीज अस्पताल में कम समय रुकते हैं और ऑपरेशन के बाद जल्दी खाना-चलना शुरू कर देते हैं। हल्के रोज़मर्रा के काम धीरे-धीरे शुरू किए जाते हैं और भारी काम सर्जन की सलाह तक टाले जाते हैं। टांके, पैथोलॉजी रिपोर्ट और खून की जाँच के लिए समय-समय पर फॉलो-अप ज़रूरी है।

वाराणसी में थायरॉइड सर्जन से सलाह

थायरॉइड की गांठ, घेंघा या थायरॉइड कैंसर के लिए आप डेल्टा क्लिनिक एवं हॉस्पिटल, वाराणसी में डॉ. ओम प्रकाश प्रजापति (एंडोक्राइन और ब्रेस्ट कैंसर सर्जन) से मिल सकते हैं। दूसरे शहर के मरीज पहले ऑनलाइन वीडियो कंसल्टेशन से शुरुआत कर सकते हैं। अपनी पुरानी रिपोर्ट और अल्ट्रासाउंड साथ लाएँ। विस्तार से पढ़ें: Endoscopic Thyroid Surgery या अपॉइंटमेंट बुक करें।

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This article is for general information and is not a substitute for a medical consultation.

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Some Important FAQ's

Frequently Asked Questions

निशान सामान्य सर्जरी से छोटे होते हैं। तकनीक के अनुसार चीरे गर्दन से दूर (जैसे मुंह के अंदर, बगल या सीने पर) भी लगाए जा सकते हैं, जिससे गर्दन पर निशान नहीं दिखता। आपके लिए कौन सा तरीका संभव है, यह सर्जन जाँच के बाद बताते हैं।

नहीं। यह चुने हुए मरीजों के लिए है। बहुत बड़े घेंघे या फैले हुए कैंसर में सामान्य ओपन सर्जरी ही सुरक्षित विकल्प है।

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