Loading...
+91 7233 022 022 Deltahospital@gmail.com Mon-Fri 10:00 AM - 3:00 PM, 5:00 PM - 7:00 PM · Sun 11:00 AM - 12:00 PM

ब्रेस्ट की त्वचा पर गड्ढे या खिंचाव? जानिए कहीं ये स्तन कैंसर के शुरुआती संकेत तो नहीं!

ब्रेस्ट की त्वचा पर गड्ढे या खिंचाव? जानिए कहीं ये स्तन कैंसर के शुरुआती संकेत तो नहीं!
Delta Clinic & Hospital 1 min read

Breast Cancer Awareness: ब्रेस्ट की त्वचा पर गड्ढे या खिंचाव? कहीं यह स्तन कैंसर का शुरुआती संकेत तो नहीं?

Breast Signal of the Week – Week 3 | Delta Hospital & Cancer Center, Varanasi

हर बदलाव सामान्य नहीं होता, कुछ बदलाव समय पर ध्यान देने का संकेत होते हैं!

स्तन कैंसर (Breast Cancer) के बारे में सोचते ही अधिकतर महिलाओं के मन में सबसे पहले ब्रेस्ट में गांठ होने का ख्याल आता है। लेकिन क्या आप जानती हैं कि स्तन कैंसर हमेशा गांठ के रूप में ही सामने नहीं आता? कई बार ब्रेस्ट की त्वचा में दिखाई देने वाले छोटे-छोटे बदलाव भी किसी स्वास्थ्य समस्या का महत्वपूर्ण संकेत हो सकते हैं।

यदि ब्रेस्ट की त्वचा पर अचानक गड्ढे दिखाई देने लगें, त्वचा अंदर की ओर खिंचने लगे या उसकी बनावट संतरे के छिलके जैसी दिखने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

हालाँकि, हर त्वचा परिवर्तन का मतलब कैंसर नहीं होता। लेकिन ऐसे नए या असामान्य बदलाव होने पर विशेषज्ञ से जाँच कराना आवश्यक है।

ब्रेस्ट की त्वचा पर गड्ढे या खिंचाव क्या होते हैं?

चिकित्सकीय भाषा में ब्रेस्ट की त्वचा पर गड्ढे बनने को Breast Skin Dimpling और त्वचा के सिकुड़ने या खिंचने को Skin Puckering कहा जाता है।

इस स्थिति में स्तन की त्वचा के किसी हिस्से में छोटा गड्ढा, असामान्य सिलवट या अंदर की ओर खिंचाव दिखाई दे सकता है।

कुछ मामलों में त्वचा मोटी, सूजी हुई और संतरे के छिलके जैसी दिखने लगती है। इस स्थिति को Peau d'Orange कहा जाता है।

ऐसा त्वचा के नीचे मौजूद ऊतकों में बदलाव या लसीका प्रवाह बाधित होने के कारण हो सकता है। कुछ मामलों में यह ब्रेस्ट कैंसर से संबंधित भी हो सकता है।

क्या ब्रेस्ट की त्वचा पर गड्ढे बनना कैंसर का संकेत है?

यह एक महत्वपूर्ण सवाल है।

ब्रेस्ट की त्वचा पर नए गड्ढे, खिंचाव या मोटापन स्तन कैंसर के संभावित चेतावनी संकेतों में शामिल हैं। लेकिन केवल इन लक्षणों के आधार पर कैंसर की पुष्टि नहीं की जा सकती।

त्वचा में ऐसे बदलाव संक्रमण, सूजन, चोट, पुराने ऑपरेशन के निशान या कुछ अन्य गैर-कैंसरकारी समस्याओं के कारण भी हो सकते हैं।

इसलिए न तो तुरंत घबराना चाहिए और न ही इन संकेतों को सामान्य मानकर अनदेखा करना चाहिए।

सही कारण जानने के लिए चिकित्सकीय परीक्षण आवश्यक है।

स्तन कैंसर के अन्य शुरुआती संकेत जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए

ब्रेस्ट की त्वचा में बदलाव के अलावा निम्न लक्षणों पर भी ध्यान देना आवश्यक है:

  1. ब्रेस्ट या बगल में गांठ: स्तन या बगल में नई गांठ या असामान्य मोटापन महसूस होना।

  2. त्वचा में गड्ढे या खिंचाव: स्तन की त्वचा में अचानक सिकुड़न या अंदर की ओर खिंचाव दिखाई देना।

  3. स्तन के आकार में परिवर्तन: किसी एक स्तन के आकार या बनावट में नया और असामान्य बदलाव आना।

  4. निप्पल का अंदर की ओर मुड़ना: पहले सामान्य दिखने वाला निप्पल अचानक अंदर की ओर खिंचने लगे।

  5. निप्पल से असामान्य डिस्चार्ज: स्तनपान के अलावा निप्पल से तरल पदार्थ या खून निकलना।

  6. त्वचा का लाल होना या मोटा होना: स्तन की त्वचा में लगातार लालिमा, सूजन, पपड़ी या असामान्य मोटापन होना।

  7. स्तन या बगल में लगातार दर्द: विशेष रूप से किसी एक स्थान पर बना रहने वाला असामान्य दर्द।

ध्यान रखें, स्तन कैंसर के कुछ मामलों में दर्द बिल्कुल नहीं होता। इसलिए दर्द न होना भी यह सुनिश्चित नहीं करता कि सब कुछ सामान्य है।

क्या बिना गांठ के भी ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है?

हाँ। कुछ महिलाओं में स्तन कैंसर के शुरुआती संकेत स्पष्ट गांठ के बजाय त्वचा या निप्पल में बदलाव के रूप में सामने आ सकते हैं।

विशेष रूप से Inflammatory Breast Cancer नामक दुर्लभ लेकिन आक्रामक प्रकार के स्तन कैंसर में स्तन में तेजी से सूजन, लालिमा, भारीपन और संतरे के छिलके जैसी त्वचा दिखाई दे सकती है। इसमें हमेशा स्पष्ट गांठ महसूस हो, यह जरूरी नहीं है।

ऐसे लक्षण होने पर शीघ्र विशेषज्ञ परामर्श लेना महत्वपूर्ण है।

घर पर ब्रेस्ट में होने वाले बदलावों को कैसे पहचानें?

अपने स्तनों की सामान्य बनावट को जानना Breast Awareness कहलाता है। यह असामान्य बदलाव पहचानने में मदद करता है।

पहला कदम – शीशे के सामने देखें

दोनों स्तनों के आकार, त्वचा की बनावट और निप्पल की स्थिति पर ध्यान दें। दोनों हाथ ऊपर उठाकर भी देखें कि त्वचा पर कोई नया खिंचाव या गड्ढा तो नहीं दिखाई दे रहा।

दूसरा कदम – धीरे-धीरे महसूस करें

उंगलियों के समतल हिस्से से स्तन और बगल के आसपास धीरे-धीरे महसूस करें कि कोई नई गांठ, सूजन या असामान्य मोटापन तो नहीं है।

तीसरा कदम – निप्पल और त्वचा पर ध्यान दें

निप्पल की दिशा, त्वचा की रंगत तथा किसी असामान्य डिस्चार्ज या सिकुड़न को पहचानें।

चौथा कदम – बदलाव होने पर डॉक्टर से मिलें

यदि कोई नया या असामान्य बदलाव दिखाई दे, तो उसे केवल पीरियड्स, उम्र या हार्मोनल परिवर्तन मानकर नजरअंदाज न करें।

घर पर स्वयं जाँच करना उपयोगी जागरूकता का तरीका है, लेकिन यह डॉक्टर की जाँच या मैमोग्राफी का विकल्प नहीं है।

ब्रेस्ट की त्वचा में बदलाव होने पर कौन-सी जाँच कराई जाती है?

डॉक्टर लक्षणों, उम्र, स्वास्थ्य इतिहास और शारीरिक परीक्षण के आधार पर आवश्यक जाँच की सलाह दे सकते हैं।

1. Clinical Breast Examination

इसमें विशेषज्ञ स्तनों, निप्पल और बगल के आसपास की जाँच करके असामान्य परिवर्तनों का मूल्यांकन करते हैं।

2. Breast Ultrasound

अल्ट्रासाउंड की सहायता से स्तन के अंदर मौजूद ऊतकों, गांठ या अन्य असामान्य बदलावों का आकलन किया जा सकता है।

3. Diagnostic Mammography

यह स्तन की विशेष एक्स-रे जाँच है, जिसके माध्यम से स्तन के ऊतकों में कुछ ऐसे बदलाव पहचाने जा सकते हैं जो सामान्य परीक्षण में महसूस नहीं होते।

4. Breast Biopsy

यदि जाँच में कोई संदिग्ध बदलाव दिखाई देता है, तो डॉक्टर बायोप्सी की सलाह दे सकते हैं। इसमें ऊतक का नमूना लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण किया जाता है।

बायोप्सी यह निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है कि संदिग्ध ऊतक में कैंसर कोशिकाएँ मौजूद हैं या नहीं।

हर मरीज को सभी जाँचों की आवश्यकता नहीं होती। उचित जाँच का निर्णय विशेषज्ञ लेते हैं।

क्या समय पर पहचान होने से उपचार में मदद मिलती है?

हाँ। स्तन कैंसर का समय पर पता लगना उपचार की योजना बनाने और बेहतर परिणाम की संभावना बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

यदि कैंसर की पुष्टि होती है, तो उसके प्रकार, स्टेज और अन्य चिकित्सकीय कारकों के आधार पर सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी, कीमोथेरेपी, हार्मोन थेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी या अन्य उपचार की आवश्यकता हो सकती है।

हर मरीज के लिए उपचार एक जैसा नहीं होता। विशेषज्ञ व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार उपचार निर्धारित करते हैं।

महिलाओं को ब्रेस्ट हेल्थ के प्रति जागरूक क्यों रहना चाहिए?

स्तन कैंसर का जोखिम उम्र के साथ बढ़ सकता है, लेकिन यह केवल अधिक उम्र की महिलाओं तक सीमित नहीं है। कम उम्र की महिलाओं में भी यह बीमारी हो सकती है।

इसलिए हर उम्र की महिलाओं के लिए अपने स्तनों में होने वाले नए और असामान्य बदलावों को पहचानना महत्वपूर्ण है।

नियमित स्वास्थ्य परामर्श, पारिवारिक इतिहास की जानकारी और डॉक्टर की सलाह के अनुसार स्क्रीनिंग करवाना स्तन स्वास्थ्य देखभाल का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

यदि इनमें से कोई लक्षण दिखाई दे, तो जल्द चिकित्सकीय सलाह लें:

  • स्तन की त्वचा पर अचानक गड्ढे या सिकुड़न दिखाई देना।

  • स्तन में तेजी से बढ़ती सूजन या लालिमा।

  • निप्पल का नया अंदर की ओर खिंचाव।

  • स्तन या बगल में नई गांठ।

  • निप्पल से खून या असामान्य डिस्चार्ज।

  • स्तन की त्वचा का लगातार मोटा या संतरे के छिलके जैसा होना।

इन लक्षणों के लिए केवल दर्द होने का इंतजार न करें।

Delta Hospital & Cancer Center, Varanasi – स्तन स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में एक पहल

ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस के अंतर्गत Delta Hospital & Cancer Center, Varanasi द्वारा चलाए जा रहे “Breast Signal of the Week” जागरूकता अभियान का उद्देश्य महिलाओं को स्तन स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण लक्षणों के प्रति जागरूक करना है।

इस अभियान के तीसरे सप्ताह में ब्रेस्ट की त्वचा पर गड्ढे, खिंचाव और बनावट में असामान्य परिवर्तन जैसे संकेतों पर विशेष ध्यान दिया गया है।

अस्पताल का संदेश है कि स्तन में किसी भी नए बदलाव को समय रहते पहचानें और आवश्यक होने पर विशेषज्ञ से जाँच कराएँ।

विशेषज्ञ परामर्श

डॉ. ओ.पी. प्रजापति
MBBS, MS, MCh (SGPGI)
थायरॉइड एवं ब्रेस्ट कैंसर स्पेशलिस्ट

संपर्क करें

डेल्टा हॉस्पिटल एंड कैंसर सेंटर
शिवपुर बाईपास (अम्बिका लॉन के सामने), वाराणसी
फोन: 7571070887

क्लिनिक:
प्रथम तल, चंद्रशेखर कटरा, UP कॉलेज रोड, भोजूबीर, वाराणसी
फोन: 7571070810

निष्कर्ष: त्वचा का छोटा बदलाव भी हो सकता है महत्वपूर्ण संकेत

ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता केवल गांठ पहचानने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। स्तन की त्वचा में गड्ढे, खिंचाव, सूजन या निप्पल की बनावट में बदलाव भी चिकित्सकीय जाँच की आवश्यकता का संकेत हो सकते हैं।

हर बदलाव कैंसर नहीं होता, लेकिन सही कारण जानना जरूरी है।

याद रखें – ब्रेस्ट की त्वचा में नया बदलाव दिखे तो उसे नजरअंदाज न करें। देखें, समझें और समय पर जाँच कराएँ।

मेडिकल डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे व्यक्तिगत चिकित्सकीय निदान या उपचार का विकल्प न मानें। किसी भी असामान्य लक्षण के लिए योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।

This article is for general information and is not a substitute for a medical consultation.

More articles

Need to consult a specialist?

Visit us for an OPD appointment, or consult from home by video call.

OPD visit ₹500 Online video consultation ₹1,000